पिछली सदी का 80 का दशक अपनी अनूठी प्रेम कहानियों के लिए मशहूर था . एक तरफा प्रेम, विरह , जुदाई , दिल का दर्द , दर्द भरी शायरी, दोस्तों की सांत्वना , पालकों की सख्ती, समाज की बेरुखी एक आम बात थी . इन सबके होते हुए धड़कते दिल को कोई नहीं रोक पाता था . ❤️ की इन्हीं भावनाओं के ताने बाने के साथ मेरी यह धारावाहिक कहानी प्रस्तुत है )
एक प्रेम कहानी अधूरी सी
इंजी मधुर चितलांग्या , संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स