राजनांदगांव के ऐतिहासिक तालाब: रानी सागर और बुढ़ा सागरराजनांदगांव शहर के मध्य स्थित रानी सागर और बुढ़ा सागर तालाब ऐतिहासिक धरोहर के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इनका निर्माण राजाओं के समय में कराया गया था, और ये…
मुरादाबाद का ऐतिहासिक मुगलपुरा थाना: 1857 से अब तक की कहानीमुरादाबाद का मुगलपुरा थाना सिर्फ एक पुलिस स्टेशन नहीं, बल्कि इतिहास का एक अहम हिस्सा है। 1857 में स्थापित यह थाना मुरादाबाद का सबसे पुराना थाना है और इसकी सीमाएं एक समय…
भारत में पहली बार कैसे और कब आए थे ब्रिटिशब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी मुख्य रूप से मसालों के व्यापार के उद्देश्य से भारत आई थी। इसके अलावा वे रेशम, कपास, नील, चाय और अफीम का भी व्यापार करते थे। 20 मई…
आज ही के दिन शुरू हुई थी पहली एम्बुलेंस सेवा28 मार्च का इतिहास: आज ही के दिन शुरू हुई थी पहली एम्बुलेंस सेवा इतिहास में 28 मार्च का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन खासतौर पर यह…
बालाघाट में महाराष्ट्र की लोक कला ‘खड़ा तमाशा’: मनोरंजन के साथ जागरूकता का संदेशमध्य प्रदेश का बालाघाट जिला अपनी अनोखी भौगोलिक स्थिति के कारण छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। जिले के पूर्वी हिस्से में छत्तीसगढ़ की संस्कृति झलकती है,…
महेश्वर: नर्मदा तट पर बसा प्राचीन नगर और ज्वालेश्वर महादेव मंदिर का महत्वमध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित महेश्वर नर्मदा नदी के तट पर बसा एक ऐतिहासिक नगर है, जिसे पौराणिक काल में ‘माहिष्मती’ के नाम से जाना जाता था। यह स्थान धार्मिक,…
देऊर कोठार: रीवा की प्राचीन ऐतिहासिक धरोहररीवा जिले में स्थित देऊर कोठार भारत की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर है। यह स्थल प्रयागराज से लगभग 90 मिनट की दूरी और रीवा से 70 किलोमीटर दूर स्थित है।…
एक अनूठा समुदाय- फारसी भारत में बसने के बाद बन गए पारसीये कहानी ईरान के अंतिम सासानिद शाशक यज्देगर्ड की 641 ईसवी में नेहावंद के युद्ध में अरब सेना के हाथों हार के साथ शुरू होती है। अरब सेना द्वारा किए जाने वाले…
चाय पीना सिर्फ सेहतमंद ही नहीं, पानी को शुद्ध करने में भी कारगर – नया अध्ययनएक हालिया अध्ययन में खुलासा हुआ है कि चाय बनाने की प्रक्रिया न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह पीने के पानी से विषाक्त भारी धातुओं को भी हटा सकती…
चीन में 2,800 साल पुरानी किलेबंद दीवार की खोज, देश के पहले सम्राट से भी पुरानीचीन के पुरातत्वविदों ने देश के पूर्वी प्रांत शांदोंग में 2,800 साल पुरानी एक किलेबंद दीवार के अवशेष खोजे हैं, जो चीन के पहले सम्राट के उदय से भी पुरानी मानी जा…